CJP प्रोटेस्ट पर क्या बोले भारतीय कप्तान शुभमन गिल? जानें छात्रों से क्या कहा
Shubman Gill on CJP Protest: शुभमन गिल ने CJP प्रोटेस्ट को लेकर अपनी राय दी है. इससे पहले सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह ने भी इस प्रोटेस्ट पर बयान दिया था. आइए जानते हैं भारतीय कप्तान ने छात्रों को लेकर क्या बोला है?
Shubman Gill on CJP Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर स्टूडेंट्स नीट पेपर लीक को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन की अगुवाई कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है. 20 जुलाई को भारतीय छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे. छात्रों की मांग को लेकर कई चर्चित हंस्तियों ने अपनी राय रखी है. इस कड़ी में अब भारतीय कप्तान शुभमन गिल का भी नाम शामिल हुआ. उन्होंने भी CJP प्रोटेस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर अपना बयान जारी किया है.
क्या बोले शुभमन गिल?
छात्रों के प्रोटेस्ट को लेकर शुभमन गिल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा “युवा भारतीय होने के नाते मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और उस भविष्य को गढ़ने का हर अवसर मिलना चाहिए, जिसकी हम सभी कल्पना करते हैं. मैं उन सभी युवाओं का दिल से सम्मान करता हूं, जो अपनी आवाज शांतिपूर्ण तरीके से उठाने में विश्वास रखते हैं. शिक्षा हमारे देश के भविष्य को आकार देने की सबसे बड़ी ताकत है. मुझे उम्मीद है कि हम करुणा, आपसी सम्मान और हर छात्र के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेंगे.”
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गिल ने इन छात्रों को देश का भविष्य बताया है और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की है. इसके अलावा उन्होंने अपने बयान में छात्रों को देश की बड़ी ताकत भी बताई है.
गिल के अलावा युवराज सिंह और सचिन तेंदुलकर ने भी CJP प्रोटेस्ट को लेकर अपनी राय रखी है. सचिन तेंदुलकर ने कहा “समाज के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी संस्कृति और मूल्यों को सही दिशा दें. यदि कोई समाज मेहनत से अधिक केवल परिणामों को महत्व देता है, तो वह मेरिट की बजाय शॉर्टकट अपनाने लगता है. आज यदि छात्रों को यह महसूस हो रहा है कि उनकी कड़ी मेहनत का उचित सम्मान नहीं हुआ, तो उनकी निराशा स्वाभाविक है. हम सभी को मिलकर ऐसा प्रयास करना चाहिए कि भविष्य में उन्हें फिर कभी ऐसा महसूस न करना पड़े.” इसके अलावा युवराज सिंह ने भी छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए कहा था.