कैंसर की देर से पहचान क्यों है खतरनाक? ऑन्कोलॉजी ने बताया सर्वाइवल रेट पर कितना पड़ता है असर
Early Detection Of Cancer: कैंसर का इलाज किया जा सकता है, लेकिन अगर वक्त पर इस बीमारी का पता लगाया जाए. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो इसका गंभीर असर देखने को मिल सकता है.
Cancer Causes: भारत में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इससे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में मरीजों में कैंसर की पहचान बहुत देर से हो रही है. इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर मोहसिन शेख (कंसल्टेंट हेड एंड नेक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, हेड एंड नेक कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) का कहना है कि अगर कैंसर जैसी बीमारी का पता वक्त पर चल जाए तो इलाज आसान हो जाता है. साथ ही, इंसान को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है और सर्वाइवल रेट बढ़ाई जा सकती है.
कैंसर का वक्त पर पता चलने से सर्वाइवल रेट पर काफी असर होगा. मगर इसके बावजूद, देश में आज भी ज्यादातर कैंसर के मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं, जब बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है. इसकी वजह से ज्यादातर लोग अपनी जान गवा देते हैं.
कैंसर की पहचान है जरूरी
एक्सपर्ट का कहना है कि शुरुआती दौर में कैंसर की पहचान होने पर इलाज जल्दी शुरू हो जाता है और बीमारी को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उदाहरण के लिए स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुंह का कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर जैसे कई प्रकार के कैंसर शुरुआती में पूरी तरह ठीक किए जा सकते हैं. देर से पहचान होने पर कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने लगता है.
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कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना
भारत में देरी से डायग्नोसिस के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है. आज भी बहुत से लोग कैंसर के शुरुआती लक्षणों को सामान्य समस्याएं समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लगातार खांसी, वजन घटना, मुंह में न भरने वाले छाले या लंबे समय तक रहने वाली थकान जैसे संकेतों को लोग गंभीरता से नहीं लेते.
हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग जरूरी है
कैंसर को लेकर समाज में मौजूद डर और कलंक भी मरीजों को जांच कराने से रोकता है. कई लोग इस डर से जांच नहीं करते कि कहीं रिपोर्ट पॉजिटिव न आ जाए. हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग जैसी चीजें भी लोगों को नहीं पता होता. हालांकि, हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग इलाज का जरूरी हिस्सा है.