बारिश में लेदर शूज पहनने से क्या होगा? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया स्किन कैसे हो सकती है इफेक्ट
Leather Shoes In Monsoon: बारिश के मौसम में इंफेक्शन सबसे ज्यादा फैलता है. इसलिए हमें कपड़ों से लेकर जूते पहनने तक पर ध्यान देना चाहिए. कई बार नमी और पसीने की वजह से फंगल इंफेक्शन, रैशेज और बदबू जैसी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है.
बारिश के मौसम में स्टाइलिश दिखने के लिए कई लोग लेदर शूज पहनना पसंद करते हैं. हालांकि, कुछ लोग सिर्फ इसलिए लेदर पहनते हैं, क्योंकि यह बारिश में भीगते नहीं हैं. हालांकि, इसको लेकर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर अनुपमा बिसारिया का कहना है कि अगर आप लगातार बारिश में जूते पहनते हैं तो आपके पैरों में नमी बनी रहेगी, जिससे स्किन इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाएगा. लेदर नमी आसानी से नहीं सोखता, जिससे पहले पैरों में खुजली होती है और फिर इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है.
बारिश में लेदर शूज आसानी से भीग जाते हैं और सूखने में समय लेते हैं. ऐसे में जूते के अंदर नमी बनी रहती है. वहीं, नमी, पसीना और गर्माहट मिलकर बैक्टीरिया या फंगस को पैदा करने का काम करते हैं.
लंबे समय तक गीले जूते पहनने से एथलीट फुट जैसी फंगल समस्या हो सकती है. इसमें उंगलियों के बीच खुजली, लालपन, जलन और स्किन का छिलना शुरू हो सकता है.
अगर पैर लगातार नमी में रहें तो स्किन में जलन, खुजली और छोटे-छोटे दाने निकल सकते हैं. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो यह परेशानी ज्यादा देखने को मिल सकती है.
गीले लेदर शूज में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे पैरों और जूतों से बदबू आने लगती है. कई बार जूते उतार देने के बाद भी बदबू आती है. इसलिए एक ही जीते कई दिनों तक लगातार न वियर करें.
लगातार नमी में रहने से पैरों की स्किन सफेद, मुलायम और कमजोर हो सकती है. इससे स्किन फटने और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. आप खुले हुए जूते वियर करें और
बारिश में पैरों का कैसे रखें ख्याल?
बारिश में लेदर शूज पहनने से बचें और वॉटरप्रूफ सूखने वाले फुटवियर का इस्तेमाल करें.
घर पहुंचते ही जूते और मोजे उतारकर पैरों को अच्छी तरह धोकर सुखाएं.
रोज साफ और सूखे कॉटन के मोजे पहनें.
अगर जूते भीग जाएं तो उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा पहनें.