10 साल के बच्चों को भी हो रही है डायबिटीज? एक्सपर्ट ने बताया पेरेंट्स से कहां हो रही है गलती
Diabetes Reasons: हर बच्चे में डायबिटीज होने की कोई एक वजह नहीं है, क्योंकि यह उनकी लाइफस्टाइल पर डिपेंड करता है. इसलिए शुरुआत में बच्चों के खानपान, रूटीन और हेल्थ प्रॉब्लम पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. वरना आगे जाकर बच्चों को शुगर हो सकती है.
बच्चों में डायबिटीज के शुरुआती लक्षण. Image Credit- News24
---विज्ञापन---
Diabetes Bachho Ko Kyu Hoti Hai: एक जमाना था जब शुगर जैसी बीमारी एक उम्र के बाद हुआ करती थी और वो भी बहुत कम लोगों को, क्योंकि लाइफस्टाइल बहुत ही अच्छा था. मगर अब तो कभी भी किसी को भी यह बीमारी हो जाती है. आजकल छोटी उम्र में ही बच्चे इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जिसको लेकर एमबीबीएस और एमडी डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके का कहना है कि इसकी वजह खराब लाइफस्टाइल है. इंस्टाग्राम की वीडियो में उन्होंने कहा है कि आजकल के बच्चों के रूटीन पर पेरेंट्स ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, जिसकी वजह से स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है. इसकी वजह से ही बच्चों में डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर समय रहते बच्चों की लाइफस्टाइल पर ध्यान न दिया जाए तो 10 साल की उम्र में भी टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि बच्चों में दो तरह की डायबिटीज देखने को मिल सकती है. पहला टाइप 1 डायबिटीज जो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर में इंसुलिन बनने वाला सेल्स कमजोर हो जाता है. वहीं, टाइप 2 डायबिटीज में पहले यह बीमारी युवाओं तक थी, लेकिन अब खराब लाइफस्टाइल की वजह से बच्चों में भी देखी जा रही है.
पेरेंट्स से कहां हो रही है गलती?
हेल्दी खाना ना मिलना- बच्चों को अक्सर चिप्स, बर्गर, पिज्जा, चॉकलेट, कैंडी और कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजें देने से परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है. इससे मोटापा बढ़ जाता है और बच्चे शुगर के मरीज हो जाते हैं. डिजिटल का वक्त तय न होना- अगर बच्चा दिनभर मोबाइल, टीवी या वीडियो गेम में बिजी रहेगा तो खेलकूद नहीं करेगा. इससे वजन बढ़ने और मेटाबॉलिज्म इफेक्ट होने लगता है. नींद का वक्त तय न होना- कम नींद लेने से शरीर के हार्मोन इफेक्ट हो सकते हैं, जिससे भूख बढ़ती है और वजन बढ़ने के चांस रहते हैं.
हेल्थ चेकअप न करना- अगर परिवार में डायबिटीज का इतिहास है या बच्चा अधिक वजन का है तो समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से टेस्ट कराना जरूरी है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.