---विज्ञापन---

ईरान पर समंदर से वार करेगा USS त्रिपोली, 3500 मरीन के साथ अरब सागर में पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत

Iran-Israel War: अमेरिकी नौसेना का USS त्रिपोली युद्धपोत 3500 मरीन के साथ यूएस सेंट्रल कमांड क्षेत्र में पहुंच गया है, जिससे ईरान-इजरायल तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है.

---विज्ञापन---

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत कर दिया है. अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत USS त्रिपोली अब यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के इलाके में पहुंच चुका है. इस युद्धपोत के साथ करीब 3500 मरीन तैनात हैं, जो किसी भी इमरजेंसी के वक्त तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं. ये तैनाती ऐसे समय पर की गई है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसके अलावा, अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा भी अमेरिका की प्राथमिकता बनी हुई है.

ये भी पढ़ें: ईरान के खिलाफ US-इजरायल की जंग को एक महीना पूरा, युद्ध में अब तक कितने रुपये हो गए ‘स्वाहा’?

---विज्ञापन---

क्या है USS Tripoli की खासियत?

USS त्रिपोली America-class amphibious assault ship कैटेगरी का एक एड्वांस्ड बैटलशिप है. ये जहाज समुद्र से सीधे तट पर सैन्य बल उतारने और हमले करने की काबिलियत रखता है. इसमें आधुनिक हथियारों और तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ये युद्ध के दौरान बेहद घातक साबित होता है. इस युद्धपोत की सबसे बड़ी ताकत इसके एयर विंग में शामिल F-35B फाइटर जेट हैं. ये स्टेल्थ तकनीक से लैस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हैं, जो कम दूरी से टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग कर सकते हैं. इसके अलावा, जहाज पर कई हेलीकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट भी मौजूद हैं, जो सैनिकों और उपकरणों को तेजी से तट पर पहुंचाने में सक्षम हैं.

किस मिशन के लिए तैनाती?

USS Tripoli को तटीय हमले (Amphibious Assault), सैन्य बलों की लैंडिंग और रेपिड रिस्पॉंस जैसी मिशनों के लिए तैयार रखा गया है. ये युद्धपोत इलाके में पहले से मौजूद अमेरिकी सैनिकों के साथ मिलकर काम करेगा. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तैनाती का अहम मकसद ईरान-इजरायल के बीच जारी टकराव को ध्यान में रखते हुए सैन्य संतुलन बनाए रखना और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखना है. खासकर तेल और गैस की सप्लाई के लिए ये क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है. मध्य पूर्व में हाल के दिनों में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं. ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच लगातार हमले जारी है. ऐसे में USS Tripoli की तैनाती से ये साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका इस इलाके में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदला? US प्रेसिडेंट ने क्यों कहा Strait of Trump, खुद बताई सच्चाई

First published on: Mar 28, 2026 11:28 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola