‘हम उन्हें ऐसा मारेंगे कि…’, US बेस पर ईरान के हमले के बाद भड़के डोनाल्ड ट्रंप
Iran Attacks American Forces: ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसको लेकर यूएस प्रेसिडेंट काफी ज्यादा भड़क गए और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे डाली. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी इशारा किया है कि बातचीत के रास्ते बंद नहीं होने चाहिए.
Trump Warns Iran: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबरों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर उनके सैनिकों या हितों को खतरा हुआ, तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा.
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी
फॉक्स न्यूज के साथ एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में, ट्रंप ने अमेरिका के जवाबी हमले के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इस हमले के लिए ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. उनका ये बयान तब आया जब अमेरिकी सेना ने बताया कि सभी मिसाइलों को उनके टारगेट तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया था.
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ट्रंप ने इस हमले को एक अनएक्सपेक्टेड हमला बताया और कहा कि मिसाइलों का पता चलने के बाद अमेरिकी सैनिकों के पास रिएक्ट करने के लिए सिर्फ कुछ ही मिनट थे. उनके मुताबिक, सैन्य कर्मियों ने मिसाइलों को रियल-टाइम में ट्रैक किया और कोई नुकसान होने से पहले ही उन्हें कामयाबी के साथ नष्ट कर दिया.
कहां हुआ था हमला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ईरानी इलाके से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसे उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना पर अचानक हमले की कोशिश बताया. हालांकि CENTCOM ने जगह का नाम नहीं बताया, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि टारगेट जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डा था. इस घटना ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है, जो हाल के सालों में पहले से ही टेंशन भरा रहा है.
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At 5:45 p.m. ET today, Islamic Revolutionary Guard Corps forces launched multiple ballistic missiles from Iran in an attempted surprise attack on U.S. forces based in the Middle East. All Iranian missiles were successfully intercepted. U.S. forces remain vigilant and at a high…
डोनाल्ड ट्रंप ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ग्रुप्स के खिलाफ हाल के संयुक्त अमेरिकी-सऊदी सैन्य अभियानों का भी बचाव किया और कहा कि ये हमले इराकी सरकार के साथ मिलकर किए गए थे. उन्होंने इन मिलिशिया संगठनों को रीजनल सिक्योरिटी के लिए एक बड़ा खतरा बताया और संकेत दिया कि तेहरान के सहयोगियों पर दबाव जारी रहेगा.
‘बातचीत का रास्ता खुला’
अपनी कड़ी चेतावनी के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ राजनयिक बातचीत बंद नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारी तेहरान के साथ बातचीत जारी रखेंगे, जिससे पता चलता है कि बातचीत और सैन्य तैयारी साथ-साथ चलेगी क्योंकि दोनों पक्ष मिडिल ईस्ट में बढ़ते टेंशन भरे हालात को संभालने की कोशिश कर रहे हैं.