राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, क्या आएगा बड़ा फैसला?
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं में राम मंदिर में चढ़ाए गए दान के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए.
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में अब तक कई खुलासे सामने आ चुके हैं. चंपत राय के इस्तीफे के बाद अब राम मंदिर ट्रस्ट के लिए सीईओ की तलाश शुरू हो गई है. इस बीच अब चढ़ावा चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सोमवार यानी 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट आज चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा.
CJI की पीठ करेगी मामले पर सुनवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दाखिल कई याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ विचार करेगी. पीठ में जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन भी शामिल हैं. याचिकाओं में मामले की स्वतंत्र और न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है. इस सुनवाई पर देशभर की निगाहें टिकी हैं.
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#WATCH | Delhi: On the Ram Mandir donation embezzlement case, Acharya Mahamandaleshwar Swami Kailashanand Giri Maharaj, Spiritual Guru & Peethadhishwar of the Niranjani Akhara, said, "…There is anguish not just across the country, but throughout the world, in every society… pic.twitter.com/DaR0o34R96
दान के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं में राम मंदिर में चढ़ाए गए दान के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, जिसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट करे. इसी मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर आज बड़ा फैसला आ सकता है.
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SIT को सीसीटीवी में मिली हैरान करने वाली फुटेज
इस बीच, मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच में दान काउंटिं रूम की सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है. जांच के दौरान 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. एसआईटी के अनुसार, फुटेज में करीब 70 ऐसे संदिग्ध फुटेज सामने आए हैं, जिनमें काउंटिंग रूम में तैनात कुछ कर्मचारियों को नकदी के बंडल अपने कपड़ों, जेबों, जूतों में छिपाते हुए देखा गया.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काउंटिंग रूम कई एंट्री और एग्जिट गेट पर कर्मचारियों की जरूरी जांच नहीं की जा रही थी, जबकि वो अपने साथ निजी सामान भी अंदर ले जा रहे थे. जांच एजेंसी ने इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ी चूक माना है. उधर, अयोध्या पुलिस ने मामले में गिरफ्तार तीन मुख्य आरोपितों में से एक अनुकल्प मिश्रा से हिरासत में पूछताछ शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित अनियमितताओं में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा दान की राशि के दुरुपयोग का तरीका क्या था?