महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर अन्न एवं औषध प्रशासन (FDA) ने सख्त रुख अपनाया है. ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत 10 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक पूरे राज्य में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई. इसी अभियान के तहत 11 अगस्त को बड़े चेन रेस्तरां के आउटलेट्स पर विशेष अभियान चलाया गया.
इस दौरान Domino’s, KFC, McDonald’s, Subway, Burger King, Starbucks और Monginis जैसे प्रमुख ब्रांड्स के 104 आउटलेट्स की पड़ताल की गई. जांच में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई. दो प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद कराया गया, 95 को सुधार नोटिस दिए गए, जबकि पांच के खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए गए.
---विज्ञापन---
Domino’s के तीन आउटलेट्स निशाने पर
मुंबई में FDA की जांच के दौरान Domino’s के विले पार्ले, बोरीवली और घाटकोपर स्थित R-City Mall आउटलेट्स में खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं. बोरीवली आउटलेट में करीब 54 फीसदी नियमों का पालन नहीं पाया गया. यहां खाद्य पदार्थों के भंडारण और तापमान को नियंत्रित रखने की व्यवस्था में खामियां मिलीं. इसके अलावा कीट नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्था और जरूरी रिकॉर्ड के रखरखाव में भी लापरवाही सामने आई.
घाटकोपर के आर सिटी मॉल स्थित Domino’s में भी साफ-सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में रही. खाद्य पदार्थों को उनकी खरीद और उपयोग की तारीख के हिसाब से व्यवस्थित रखने वाली FIFO/FEFO प्रणाली का उचित पालन नहीं किया जा रहा था. जरूरी खाद्य सुरक्षा दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले. इन खामियों को गंभीर मानते हुए FDA ने इस आउटलेट का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिया.
---विज्ञापन---
विले पार्ले स्थित Domino’s आउटलेट भी FDA की जांच के दायरे में रहा और वहां भी खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े उल्लंघन दर्ज किए गएय
कराड की प्रोडक्शन यूनिट में भी खामियां
सातारा जिले के कराड-मलकापुर स्थित Domino’s की प्रोडक्शन यूनिट में जांच के दौरान करीब 47 फीसदी नॉन-कम्प्लायंस सामने आया. यूनिट के बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई और कीट नियंत्रण की व्यवस्था में कमियां पाई गईं.
---विज्ञापन---
कराड में ही Sapphire Foods India के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. यहां वेज और नॉन-वेज खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने की व्यवस्था में खामी मिली. इसके अलावा इस्तेमाल की जा रही सामग्री पर एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग से संबंधित जरूरी जानकारी का भी अभाव पाया गया. इन उल्लंघनों के लिए कंपनी पर जुर्माना लगाया गया.
होटल, रेस्तरां और ढाबों की भी पड़ताल
FDA का अभियान केवल बड़े ब्रांड्स तक सीमित नहीं रहा. पूरे महाराष्ट्र में 120 होटल, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण किया गया. कई जगहों पर साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, पानी की गुणवत्ता और कीट नियंत्रण जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं में खामियां मिलीं. नासिक में कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि पालघर के दक्ष होटल में करीब 45 फीसदी नॉन-कम्प्लायंस मिलने के बाद उसे बंद करा दिया गया.
---विज्ञापन---
दूध, घी और पनीर की गुणवत्ता पर भी सवाल
FDA ने संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों को भी अपने रडार पर रखा. रायगढ़ के तलोजा से 698 लीटर संदिग्ध घटिया पाश्चराइज्ड गाय का दूध जब्त किया गया. नासिक में करीब 397.6 किलो घी, जिसकी कीमत लगभग 2.75 लाख रुपये बताई गई है, जब्त किया गया.
अकोला के एक Pizza Hut आउटलेट से 55 किलो संदिग्ध घटिया और गलत ब्रांडिंग वाला फ्रोजन पनीर भी जब्त किया गया. कुछ मामलों में खाद्य कारोबार के लिए जरूरी वैध रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं होने की बात भी सामने आई.
---विज्ञापन---
गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर भी शिकंजा
FDA ने प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और फ्लेवर्ड तंबाकू के खिलाफ भी अभियान चलाया. इस कार्रवाई में 12 FIR दर्ज की गईं और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 9 प्रतिष्ठानों को सील, तीन वाहनों को जब्त किया गया और करीब 25.96 लाख रुपये का प्रतिबंधित माल बरामद किया गया.
एक्सपायर्ड आटा और मिठाइयां भी जब्त
खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य मामलों में भी FDA ने कई जगहों पर संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की. कोल्हापुर में 1,345 किलो गुड़, जबकि पुणे में 15 किलो आम्रखंड और 598 किलो मावा मिठाई जब्त की गई. इनकी कुल कीमत करीब 3.02 लाख रुपये बताई गई है. अमरावती में Domino’s से एक्सपायर्ड आटे के गोले और गलत ब्रांड वाले मसाला पापड़ भी जब्त किए गए.
FDA का कहना है कि खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे.