बचपन में गंवाया हाथ, अब रफ्तार से CWG 2026 रचा इतिहास, जानिए भारत के नए गोल्डन बॉय दिलीप गावित के संघर्ष की दास्तान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 मे भारत को बड़ी सफलता मिली है. पैरा एथलीट दिलीप गावित ने मेंस 100 मीटर T47 रेस का फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. आइए आपको बताते हैं कि दिलीप गावित कौन हैं.
Who Is Dilip Gavit: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इस बार भारतीय दल का दमदार प्रदर्शन जारी है. पैरा एथलीट्स में सातवें दिन भी मेडल पक्के हुए. दिलीप गावित ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा. मेंस 100 मीटर T47 रेस के फाइनल में भारत ने एक साथ दो पदकों पर कब्जा कर सभी का दिल जीता. दिलीप के अलावा मोहम्मद बासिल ने सिल्वर मेडल जीता. खैर गावित अब चर्चा का विषय बन गए हैं. उनके लिए गोल्ड तक पहुंचने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा. कई चुनौतियों का सामना करने के बाद उन्हें सफलता मिली है.
दिलीप गावित का जन्म कहां हुआ?
दिलीप गावित का जन्म महाराष्ट्र के नासिक के पास तोरण डोंगरी नाम के छोटे से गांव में 21 अप्रैल 2003 को हुआ था. वो एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने बहुत ही कम उम्र में खेती करना शुरू कर दिया था. वो अपने माता-पिता की मदद करते थे. गरीब परिवार से आने के बावजूद दिलीप ने खुद को कम नहीं आंका. बचपन से ही उनके खेलों में रूचि थी. इस वजह से ही वो आगे बढ़ते चले गए.
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दिलीप गावित को बचपन में लगा झटका
दिलीप गावित को पांच-छह साल की उम्र में ही बड़ा झटका लग गया था. वो पेड़ से गिर गए थे और इस वज से उनका दाहिना हाथ बुरी तरह चोटिल हो गया था. गरीबी इतनी थी कि उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया. इस वजह से उनकी चोट में गैंग्रीन हो गया. बाद में उनकी कोहनी के नीचे से हाथ को काटना पड़ा.
पैरा एथलेटिक्स में कमाया नाम
हाथ कट जाने के बावजूद दिलीप गावित ने हार नहीं मानी. गांव में ही उन्होंने कच्ची सड़कों पर प्रैक्टिस की. कुछ समय बाद उन्हें कोच वैजनाथ काले का साथ मिला. उन्होंने दिलीप को प्रोफेशनल पैरा एथलेटिक्स में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया. दिलीप ने अपनी विकलांगता को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और आगे बढ़ते चले गए. नासिक के वीके एकेडमी से निकलने के बाद उन्होंने कई बड़े कारनामे कर देश का नाम रोशन किया.
दिलीप गावित को कड़ी मेहनत के बल पर इंटरनेशनल चैंपियन बनने में ज्यादा समय नहीं लगा. 2022 एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. ये भारत के लिए ऐतिहासिक 100वां मेडल भी था. पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में उन्होंने फाइनल तक सफर तय किया. इसके अलावा नई दिल्ली ग्रां प्री 2025 में उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. 2026 में उनकी वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-1 है. खैर अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड हासिल कर लिया है. वो करोड़ों युवा एथलीट्स के लिए प्रेरणा बन गए हैं.
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#WATCH | Glasgow, Scotland, On winning gold medal at 2026 Commonwealth Games, Para-athlete Dilip Mahadu Gavit says, "The start was a bit slow. Later, I picked up speed. I’ll do even better next time… I had to run the 100-meter dash. Usually, I run the 400 meters; that’s my main… https://t.co/MtDbqZLkQnpic.twitter.com/LHf3lnuUv3