Premanand Ji Maharaj Pravachan: सनातन धर्म में नाम जाप का खास महत्व है, जिसे एक प्रभावी और महत्वपूर्ण पूजा विधि माना जाता है. इसके जरिए मन और आत्मा को सीधे ईश्वर से जोड़ा जा सकता है. ये मंत्र जाप से बहुत अलग है क्योंकि इससे जुड़े कठोर नियम नहीं हैं. देवी-देवताओं का नाम जाप कोई भी व्यक्ति, किसी भी अवस्था में कभी भी व कहीं पर भी कर सकता है. यदि आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं या कथावाचक प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनते हैं तो आपने इस बात पर जरूर ध्यान दिया होगा कि बाबा हमेशा नाम जाप के बारे में बात करते हैं. उनका मानना है कि नाम जाप से किसी भी संकट को टाला जा सकता है. वो हर परेशानी में राधा नाम जपने की सलाह देते हैं.
राधा रानी और कृष्ण जी की सेवा-भक्ति में लीन कथावाचक प्रेमानंद महाराज (वृंदावन वाले) के अनुसार, रात में सोते हुए भी नाम जाप किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि सोते हुए कैसे नाम जाप किया जा सकता है.
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सोते समय भी क्या किया जा सकता है नाम जाप?
कथावाचक प्रेमानंद महाराज से एक भक्त ने सवाल किया कि ‘सोते समय नाम जाप कैसे किया जाता है? कहा जाता है कि 24 घंटे जाप करना चाहिए, लेकिन सोने में तो 6 से 7 घंटे व्यतीत हो जाते हैं. ऐसे में इस दौरान नाम जाप का लाभ कैसे पाएं?’
इस सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ‘नाम जाप करते हुए सोना चाहिए. यदि नाम जाप करते हुए आपको नींद आ जाए तो सोने में जितना समय जाएगा, उसे समाधि भजन माना जाएगा.’ बता दें कि शास्त्रों में बताया गया है कि समाधि भजन का फल भक्त को कभी न कभी जरूर मिलता है.
इसी के आगे प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ‘जैसे मरते हुए समय यदि कोई व्यक्ति देवी-देवता का स्मरण या नाम जाप करता है तो उसे भगवत प्राप्ति होती है. ऐसे ही सोते हुए नाम जाप से भी लाभ होता है’
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, नाम जाप से मन शांत होता है और एकाग्रता शक्ति बढ़ती है. साथ ही व्यक्ति को क्रोध, लालसा, मोह और गलत संगत आदि नकारात्मक चीजों से मुक्ति मिलती है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.