---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Ganesh Chaturthi 2024: рдЧрдгрдкрддрд┐ рдмрдкреНрдкрд╛ рдХреА рд╕реНрдерд╛рдкрдирд╛ рдХрд░рдиреЗ рд╕реЗ рдкрд╣рд▓реЗ рдЬрд╛рдиреЗрдВ рдпреЗ 7 рд╡рд╛рд╕реНрддреБ рдирд┐рдпрдо, рд╣рд░ рдЗрдЪреНрдЫрд╛ рд╣реЛрдЧреА рдкреВрд░реА!

Ganesh Chaturthi 2024: рдЧрдгреЗрд╢ рдЪрддреБрд░реНрдереА рдХреЗ рджрд┐рди рдШрд░ рдореЗрдВ рдЧрдгрдкрддрд┐ рдмрдкреНрдкрд╛ рдХреА рдореВрд░реНрддрд┐ рдХреА рд╕реНрдерд╛рдкрдирд╛ рдХрд░рдирд╛ рд╢реБрдн рдорд╛рдирд╛ рдЬрд╛рддрд╛ рд╣реИред рд▓реЗрдХрд┐рди рдореВрд░реНрддрд┐ рд╕реНрдерд╛рдкрдирд╛ рдХреЗ рдХрдИ рдирд┐рдпрдо рд╣реЛрддреЗ рд╣реИрдВ, рдЬрд┐рдирдХрд╛ рдкрд╛рд▓рди рди рдХрд░рдиреЗ рд╕реЗ рд╕рд╛рдзрдХ рдХреЛ рдкрд╛рдк рд▓рдЧрддрд╛ рд╣реИред рдЪрд▓рд┐рдП рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ рд╡рд╛рд╕реНрддреБ рд╢рд╛рд╕реНрддреНрд░ рдореЗрдВ рдмрддрд╛рдП рдЧрдП рдЧрдгреЗрд╢рдЬреА рдХреА рдкреНрд░рддрд┐рдорд╛ рд╕реНрдерд╛рдкрд┐рдд рдХрд░рдиреЗ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реЗ рдирд┐рдпрдореЛрдВ рдХреЗ рдмрд╛рд░реЗ рдореЗрдВред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Ganesh Chaturthi 2024: किसी भी भगवान की पूजा करने से पहले भगवान गणेश की उपासना की जाती है, क्योंकि गणपति बप्पा को सभी देवी-देवताओं में प्रथम स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि जो लोग गणेश भगवान की नियमित रूप से पूजा करते हैं, उनके घर में सदा खुशहाली बनी रहती है। इसलिए गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। हिंदू धर्म के लोगों के लिए गणपति बप्पा को समर्पित गणेश चतुर्थी के पर्व का भी खास महत्व है। गणेश चतुर्थी का आरंभ भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होता है, जिसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 7 सितंबर को मनाया जाएगा और 17 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन त्योहार का समापन होगा।

गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घर में गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना करते हैं और 10 दिन तक उनकी पूजा करने के बाद विसर्जन करते हैं। हालांकि गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना करने से जुड़े कई नियम होते हैं। यदि व्यक्ति उन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसका दुष्प्रभाव भी उन्हें झेलना पड़ता है। चलिए जानते हैं वास्तु शास्त्र में बताए गए मूर्ति स्थापना के मुख्य 7 नियमों के बारे में।

---विज्ञापन---

किस दिशा में स्थापित करनी चाहिए मूर्ति?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान गणपति की मूर्ति को घर में हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना चाहिए। इसके अलावा मूर्ति को ऐसे स्थापित करें कि उसका मुख पश्चिम दिशा की तरफ हो। ये दिशा मूर्ति स्थापना के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।

ये भी पढ़ें- Ganesh Chaturthi पर 12 राशियों की हर इच्छा होगी पूरी! राशि अनुसार इस तरह करें पूजा

---विज्ञापन---

स्थापित करने के बाद मूर्ति को नहीं हिलाना चाहिए

मूर्ति विसर्जन से पहले भगवान गणेश की मूर्ति को अपनी जगह से नहीं हटाना चाहिए। यदि आप मूर्ति को बार-बार उसकी जगह से हटाते हैं, तो इससे आपको पाप लग सकता है।

Thieves Stolen Money From Ganesh Pandal In Maharashtra

---विज्ञापन---

कैसी मूर्ति घर लाना शुभ है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दौरान घर में गणेशजी की बैठी हुई मुद्रा वाली मूर्ति को स्थापित करना चाहिए। गणेशजी की खड़ी हुई मुद्रा वाली प्रतिमा को घर में लगाना अशुभ माना जाता है। हालांकि ऐसी प्रतिमा आप ऑफिस या कार्यस्थल की डेस्क पर रख सकते हैं।

किस रंग की मूर्ति होती है शुभ?

शास्त्रों में बताया गया है कि सिंदूरी और सफेद रंग की गणेश जी मूर्ति को घर में स्थापित करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। ये दोनों ही रंग जीवन में तरक्की लेकर आते हैं।

---विज्ञापन---

सूंड किस तरफ होनी चाहिए?

गणेश जी की वो ही मूर्ति घर में लानी चाहिए, जिसकी सूंड उत्तर दिशा यानी सीधी तरफ हो। गणेश जी की ऐसी मूर्ति को घर में लाने से साधक को उसकी पूजा का मनोवांछित फल मिलता है।

क्रिस्टल से बनी मूर्ति घर लाना है शुभ

क्रिस्टल से बनी गणेश जी की मूर्ति को घर में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, क्रिस्टल से बनी गणेश जी की मूर्ति की पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास होता है। साथ ही धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

---विज्ञापन---

कचरा इकट्ठा न होने दें

यदि आप 10 दिन के लिए अपने घर में भगवान गणेश की मूर्ति को लेकर आ रहे हैं, तो लगातार 10 दिन सुबह और शाम दोनों समय गणपति बप्पा की आरती करें। उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं। साथ ही दीप-धूप अर्पित करें। इसके अलावा जिस स्थान या कमरे में आपने गणपति बप्पा की मूर्ति को स्थापित किया है। वहां सुबह-शाम साफ-सफाई करें। थोड़ा-सा भी कचरा इकट्ठा न होने दें। नहीं तो इससे आपको पाप लग सकता है।

ये भी पढ़ें- राहु की दशा खराब होने पर दिखते हैं 5 लक्षण, कंगाली भी है मुख्य कारण!

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Sep 01, 2024 09:41 AM

End of Article

About the Author

Nidhi Jain

рдирд┐рдзрд┐ рдХреА рдкрдврд╝рдиреЗ рдФрд░ рд▓рд┐рдЦрдиреЗ рдореЗрдВ рд╣рдореЗрд╢рд╛ рд╕реЗ рд░реБрдЪрд┐ рд░рд╣реА рд╣реИ. рдЗрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдЕрдкрдиреЗ рдХрд░рд┐рдпрд░ рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд рдкреНрд░рддрд┐рд╖реНрдард┐рдд рдиреНрдпреВрдЬрдкреЗрдкрд░ рдореЗрдВ рдиреНрдпреВрдЬ рд░рд╛рдЗрдЯрд┐рдВрдЧ рд╕реЗ рдХреА рдереА, рдЬрд┐рд╕рдХреЗ рдмрд╛рдж рджреЗрд╢-рд╡рд┐рджреЗрд╢, рд▓рд╛рдЗрдлрд╕реНрдЯрд╛рдЗрд▓, рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЖрдзреНрдпрд╛рддреНрдорд┐рдХ рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдкрд░ рд╡реНрдпрд╛рдкрдХ рдЕрдзреНрдпрдпрди рдХрд┐рдпрд╛. рдЕрдм рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 4 рд╕рд╛рд▓ рд╕реЗ рд╡рд╣ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реА рд╣реБрдИ рд╣реИрдВ. рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ News24┬ардореЗрдВ┬ардзрд░реНрдо┬ардФрд░┬ардЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖┬ард╕реЗрдХреНрд╢рди рдореЗрдВ рдХрд╛рдо рдХрд░ рд░рд╣реА рд╣реИрдВ.

ЁЯУз Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

ЁЯРж Twitter/X: https://x.com/jainidhi125?

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola