---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рд╣рд░ 12 рд╕рд╛рд▓ рдореЗрдВ рд╕реАрдзреЗ рд╢рд┐рд╡рд▓рд┐рдВрдЧ рдкрд░ рдЧрд┐рд░рддреА рд╣реИ рдЗрдВрджреНрд░ рдХреЗ рд╡рдЬреНрд░ рдХреА рдмрд┐рдЬрд▓реА, рдЯреВрдЯрдХрд░ рдлрд┐рд░ рдЬреБреЬ рдЬрд╛рддреЗ рд╣реИрдВ рдорд╣рд╛рджреЗрд╡

Bijli Mahadev: рд╣рд┐рдорд╛рдЪрд▓ рдкреНрд░рджреЗрд╢ рдХреА рдЦреВрдмрд╕реВрд░рдд рдХреБрд▓реНрд▓реВ рдШрд╛рдЯреА рдореЗрдВ рд▓рдЧрднрдЧ рдврд╛рдИ рдХрд┐рд▓реЛрдореАрдЯрд░ рдХреА рдКрдВрдЪрд╛рдИ рдкрд░ рд╕реНрдерд┐рдд рдмрд┐рдЬрд▓реА рдорд╣рд╛рджреЗрд╡ рдордВрджрд┐рд░ рдХреА рдкреМрд░рд╛рдгрд┐рдХ рдХрдерд╛ рдмрд╣реБрдд рд░реЛрдЪрдХ рд╣реИред рдЖрдЗрдП рдкрд╡рд┐рддреНрд░ рд╕рд╛рд╡рди рдорд╛рд╣ рдХреЗ рдореМрдХреЗ рдкрд░ рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВ рднрдЧрд╡рд╛рди рд╢рд┐рд╡ рд╕реЗ рдЬреБреЬреА рдпрд╣ рдХрдерд╛ред рдмрддрд╛ рджреЗрдВ, рдЗрд╕ рд╕рд╛рд▓ рд╕рд╛рд╡рди рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд 22 рдЬреБрд▓рд╛рдИ рд╕реЗ рд╣реЛ рд░рд╣реА рд╣реИред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Bijli Mahadev: हिमाचल प्रदेश का कुल्लू न केवल एक सुंदर और रमणीय पर्यटक स्थल है, बल्कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी है। इस खूबसूरत जगह पर एक ऐसा मंदिर है, जहां हर 12 साल में बिजली गिरती है। इसलिए भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर को बिजली महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। भगवान शिव का प्रिय महीना 22 जुलाई, 2024 से शुरू होने वाला है। आइए इस मौके पर जानते हैं, देवाधिदेव शिव के इस मंदिर पर बिजली गिरने से जुड़ी पौराणिक कथा।

2.4 किमी. की ऊंचाई पर स्थित है मंदिर

कुल्लू जिले का यह अनोखा और रहस्यमय मंदिर हिमालय की घाटी में एक सुंदर गांव काशवरी में स्थित है, जो समुद्र तल से लगभग 2.4 किमी. की ऊंचाई पर स्थित है। कहते हैं, यहां स्थित भोलेनाथ के मंदिर पर हर 12 साल पर बिजली गिरती है। बिजली गिरने के बाद शिवलिंग कई टुकड़ों में बंट जाता है, जिसे मंदिर के पुजारी एक प्राचीन विधि से बने एक विशेष लेप (पेस्ट) से इन टुकड़ों को जोड़ते हैं। कहते हैं, महादेव की कृपा से यह विशेष लेप इतना असरकारी होता है कि शिवलिंग फिर पहले जैसा हो जाता है।

---विज्ञापन---

रहस्यमय तरीके से गिरती है बिजली

कहते हैं, मंदिर के अंदर स्थित शिवलिंग हर 12 साल में रहस्यमय तरीके से आकाशीय तड़ित यानी बिजली के बोल्ट से टकराता है। यह बिजली केवल शिवलिंग से टकराती है। इससे मंदिर या किसी जानमाल को कोई नुकसान नहीं होता है। जबकि बिजली गिरने की इस घटना की वजह से शिवलिंग के टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं। इस रहस्य को अभी तक कोई नहीं समझ पाया है। मान्यता है कि भगवान शिव यहां के निवासियों को हर तकलीफ से बचाना चाहते हैं, इस वजह से बिजली सीधे शिवलिंग से टकराती है।

कहलाते हैं मक्खन महादेव

बिजली गिरने से टुकड़े-टुकड़े हुए शिवलिंग को मंदिर के पुजारी इकट्ठा करते है और फिर उन्हें सदियों पुरानी विधि से जोड़ते हैं। इन टुकड़ों को कुछ विशेष अनाज, दाल के आटे और प्राकृतिक मक्खन से बने विशेष पेस्ट से जोड़ा जाता है। इसी कारण इन्हें मक्खन महादेव भी कहा जाता है। कहते हैं, कुछ महीनों के बाद शिवलिंग पहले जैसा लगने लगता है। ऐसा फिर कैसे हो जाता है, यह भी एक रहस्य है।

---विज्ञापन---

बहुत रोचक है बिजली महादेव की कहानी

आपको यह मान्यता जानकर हैरत होगी कि पूरी कुल्लू घाटी को एक विशालकाय अजगर का रूप माना जाता है, जिसका वध भगवान शिव ने किया था। पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत पहले यहां कुलांत नामक एक दैत्य था। उसने एक अजगर का रूप धारण कर व्यास नदी (Beas River) के प्रवाह को रोककर घाटी को जलमग्न करना चाहता था, ताकि यहां रहने वाले सभी मनुष्य और जीव-जंतु पानी में डूब कर मर जाएं।

भगवान शिव कुलांत के इस विचार से बहुत चिंतित हो गए। उन्होंने राक्षस-रूपी कुलांत अजगर को अपने विश्वास में लिया और एक दिन शिव जी ने उसके कान में कहा कि तुम्हारी पूंछ में आग लग गई है। इतना सुनने के बाद कुलांत जैसे ही पीछे मुड़ा, तभी शिव ने उसके सिर पर त्रिशूल से प्रहार कर उसका वध दिया। इस तरह कुलांत मारा गया, लेकिन उसे मरते ही उसका शरीर एक विशाल पर्वत में बदल गया। माना जाता है कि कुलांत का ही नाम बदलते-बदलते आज कुल्लू हो गया है।

---विज्ञापन---

कुलांत दैत्य को मारने के बाद भगवान शिव ने देवराज इंद्र से कहा कि वे 12 साल में एक बार इस जगह पर बिजली गिराया करें, ताकि कुलांत की आत्मा हमेशा भयभीत रहे। इसके बाद महादेव शिव स्वयं एक शिवलिंग के रूप में यहां स्थापित हो गए। कहते हैं, तब से हर 12वें वर्ष पर इंद्र अपने वज्र से आकाशीय बिजली गिराते हैं, जिससे शिवलिंग खंडित हो जाता है।

ये भी पढ़ें:  July 2024 Panchak: जुलाई में कब रहेगा अग्नि पंचक? इस दौरान शुभ काम से यात्रा करनी पड़े, तो करें ये उपाय

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें:  पांव में धंसा तीर, सुन्न पड़ गया शरीर…इस रहस्यमय तरीके से हुई भगवान कृष्ण की मृत्यु!

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

---विज्ञापन---

First published on: Jul 14, 2024 05:09 PM

End of Article

About the Author

Shyamnandan

рд╢реНрдпрд╛рдордирдВрджрди рдХреБрдорд╛рд░ рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 20 рд╕реЗ рдЕрдзрд┐рдХ рд╡рд░реНрд╖реЛрдВ рд╕реЗ рдкрддреНрд░рдХрд╛рд░рд┐рддрд╛ рдФрд░ рдХрдВрдЯреЗрдВрдЯ рдХреНрд░рд┐рдПрд╢рди рдХреА рджреБрдирд┐рдпрд╛ рдореЗрдВ рд╕рдХреНрд░рд┐рдп рд╣реИрдВред рд╡рд░реНрддрдорд╛рди рдореЗрдВ рд╡реЗ News24 рдореЗрдВ рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рд╕реЗрдХреНрд╢рди рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдЕрдкрдиреА рд╕реЗрд╡рд╛рдПрдВ рджреЗ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рдЙрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдкрддреНрд░рдХрд╛рд░рд┐рддрд╛ рдореЗрдВ рдПрдо.рдП. рдХреА рдкрдврд╝рд╛рдИ рдХрд╛рд╢реА┬ард╣рд┐рдиреНрджреВ рд╡рд┐рд╢реНрд╡рд╡рд┐рджреНрдпрд╛рд▓рдп (BHU) рд╕реЗ рдХреА рд╣реИ рдФрд░ рднрд╛рд░рддреАрдп рд╡рд┐рджреНрдпрд╛ рднрд╡рди, рдирдИ рджрд┐рд▓реНрд▓реА рд╕реЗ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рдХрд╛ рд╕рд╛рдВрдЧреЛрдкрд╛рдВрдЧ рдЕрдзреНрдпрдпрди рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИред рд╡реЗ рд╡реИрджрд┐рдХ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ (рдкрд╛рд░рд╛рд╢рд░реАрдп), рдЕрдВрдХ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ (рдиреНрдпреВрдорд░реЛрд▓реЙрдЬреА) рдФрд░ рд╕рд╛рдореБрджреНрд░рд┐рдХ рд╢рд╛рд╕реНрддреНрд░ рдХреЗ рдХреНрд╖реЗрддреНрд░ рдореЗрдВ рдЧрд╣рд░реА рд╡рд┐рд╢реЗрд╖рдЬреНрдЮрддрд╛ рд░рдЦрддреЗ рд╣реИрдВ рдФрд░ рд╕реНрд╡рдпрдВ рдПрдХ рд╕рдХреНрд░рд┐рдп рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖рд╡рд┐рдж рд╣реИрдВред рдЬреЛ рд╕рд╛рд▓ 2015 рд╕реЗ рдзрд░реНрдо рдФрд░ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖ рд╡рд┐рд╖рдп рдкрд░ рд▓рдЧрд╛рддрд╛рд░ рд▓рд┐рдЦ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рдЙрдирдХреА рдХреЛрд╢рд┐рд╢ рд░рд╣рддреА рд╣реИ рдХрд┐ рдкрд╛рдардХреЛрдВ рдХреЛ рд╕рдЯреАрдХ, рд╕рд░рд▓ рдФрд░ рдЙрдкрдпреЛрдЧреА рдЬрд╛рдирдХрд╛рд░реА рдорд┐рд▓ рд╕рдХреЗред┬а рдзрд╛рд░реНрдорд┐рдХ рдкрд░рдВрдкрд░рд╛рдУрдВ, рд╡реИрджрд┐рдХ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖, рдЧреНрд░рд╣-рдЧреЛрдЪрд░, рд░рд╛рд╢рд┐рдлрд▓, рдЕрдВрдХ рдЬреНрдпреЛрддрд┐рд╖, рд╡рд╛рд╕реНрддреБ, рд╕рд╛рдореБрджреНрд░рд┐рдХ рд╢рд╛рд╕реНрддреНрд░, рд╡реНрд░рдд-рддреНрдпреЛрд╣рд╛рд░, рдкреВрдЬрд╛-рдкрджреНрдзрддрд┐ рдФрд░ рдЖрдзреНрдпрд╛рддреНрдорд┐рдХ рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдХреЛ рдЖрд╕рд╛рди рдФрд░ рднрд░реЛрд╕реЗрдордВрдж рднрд╛рд╖рд╛ рдореЗрдВ рдкрд╛рдардХреЛрдВ рддрдХ рдкрд╣реБрдВрдЪрд╛рдирд╛ рдЙрдирдХреА рдкрд╣рдЪрд╛рди рд╣реИред рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдореАрдбрд┐рдпрд╛, SEO рдФрд░ рдХрдВрдЯреЗрдВрдЯ рд░рдгрдиреАрддрд┐ рдХреА рдЙрдиреНрд╣реЗрдВ рдЧрд╣рд░реА рдФрд░ рдЕрдЪреНрдЫреА рд╕рдордЭ рд╣реИред

рд╕рдВрдкрд░реНрдХ рдХрд░реЗрдВ: ЁЯУз Email: shyam.nandan@bagconvergence.in ЁЭХАЁЭХЯ ~ LinkedIn:
https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ ЁЭХП ~ Twitter/X: @Shyamnandan_K ЁЭФ╜ ~ facebook: https://www.facebook.com/shyamnandank73

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola