1 / 7
Smartphones And Birth Rate
Smartphones And Birth Rate: वर्तमान में जन्म दर गिरती हुई देखी जा रही है. दुनिया के ऐसे कई देश हैं जो गिरती जन्म दर से परेशान भी हैं. भारत भी इन्हीं देशों की गिनती में आता है. ऐसे में फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के नीथन हडसन एंड हर्नान मोस्कोसो-बोडो के रिसर्चर्स की स्टडी के अनुसार यूएस और यूके में 4जी मोबाइल इंटरनेट जन्म दर कम होने के पीछे की अहम वजह हो सकता है. रिसर्चर्स का मानना है कि स्मार्टफोन लोगों के आपस में इंटरैक्ट करने के तरीके को बदलता है और लोगों के बीच कम होता इन-पर्सन इंटरैक्शन भी फर्टिलिटी रेट कम होने की वजह हो सकता है.
स्मार्टफोन यूजर्स में कम हुआ फर्टिलिटी रेट

2 / 7
सोशल मीडिया यूज करने वालों में ज्यादातर यंग अडल्ट्स आते हैं और इन्हीं में सबसे ज्यादा फर्टिलिटी रेट में गिरावटदेखी जा रही है.
रिश्तों को प्रभावित करता सोशल मीडिया

3 / 7
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोशल मीडिया के कारण लोगों के बीच लॉन्ग-टर्म रिलेशनशिप बिल्ड करना और मेंटेन करना मुश्किल होता जा रहा है. लगातार ऑनलाइन लोगों के लाइफस्टाइल को देखकर यूजर्स के अंदर इनसेक्योरिटी और इंस्टेबिलिटी की भावना भी जन्म लेने लगती है.
आर्थिक तुलना भी है कारण

4 / 7
कुछ रिसर्चर्स का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों की पहले से चली आ रही आर्थिक, करियर और घर से जुड़ी दिक्कतें और ज्यादा बड़ी दिखाने लगता है जिससे युवाओं को माता-पिता बनने से डर लगने लगता है.
कितनी सही है स्टडी

5 / 7
मोबाइल फोन के बर्थ रेट को प्रभावित करने को लेकर कई तरह के मत दिए जाते हैं जिनमें यह मत भी है कि जन्म दर के कम होने की एक बड़ी वजह मृत्यु दर का कम होना भी है. लोगों के अब कम बच्चे हैं क्योंकि उनमें यह डर नहीं है कि बच्चों की जान चली जाएगी क्योंकि अब इलाज के लिए सुविधाएं ज्यादा हैं.
करियर भी हो सकता है वजह

6 / 7
महिलाओं के पास भी अब अपना करियर है. ऐसे में एक मत यह भी है कि महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त हैं और अगर वह शादी ना करना चाहें या बच्चे को अपना समय ना दे पाएं तो यह उनका चुनाव है. वहीं, देर से शादी होना या देरी से बच्चे होना भी जन्म दर कम होने का कारण हो सकता है.
टीन प्रेग्नेंसी कम होना

7 / 7
4जी स्टडी के अनुसार, यूएस में बर्थ रेट कम होना सीधेतौर पर टीन प्रेग्नेंसी से जुड़ा है. ऐसे में टीन प्रेग्नेंसी का कम होना खुशी की बात होनी चाहिए.
यह भी पढ़ें -