सोनम वांगचुक का हाल जानने मेदांता पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने डॉक्टरों से सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की डिटेल जानकारी ली और उनके बेहतर इलाज को लेकर भी चर्चा की. इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती.
नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया. सीजेपी के बैनर तले नीट छात्रों के समर्थन में अपना अनशन शुरू करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को ही गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया. सोनम वांगचुक की तबीयत पर केंद्र सरकार की पूरी नजर है, इसी सिलसिले में बीती रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंची और सोनम वांगचुक का हाल चाल जाना.
Minister of State for the Prime Minister's Office, Dr Jitendra Singh and Union Health Minister Jagat Prakash Nadda visited the Medanta Hospital in Gurugram to enquire about the health of Activist Sonam Wangchuk: Sources pic.twitter.com/665Lu6yDjA
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने डॉक्टरों से सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की डिटेल जानकारी ली और उनके बेहतर इलाज को लेकर भी चर्चा की. इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती. सूत्रों का कहना है कि सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल के आईसीयू-8 में भर्ती किया गया है, जहां सीनियर डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. केंद्रीय मंत्रियों ने डॉक्टरों से इलाज की स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट और आगे की मेडिकल प्लान के बारे में जानकारी ली.
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मुलाकात के बाद सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार वांगचुक के इलाज पर लगातार नजर बनाए हुए है. वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टिविस्ट की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया था. वांगचुक के मेदांता पहुंचने की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ी कर दी गई. अस्पताल के मेन गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.