कौन हैं CJP प्रोटेस्ट से वायरल हुए मोहम्मद इरफान? बिना स्कूल गए Google से सीखा संविधान, राहुल गांधी भी हुए फैन
राहुल गांधी से मिलने के बाद इरफान ने अपने लिए किसी तरह की व्यक्तिगत मदद नहीं मांगी. उन्होंने केवल इतना कहा कि देश के गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जानी चाहिए.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में भारत के कोने-कोने से युवाओं ने भाग लिया. इस आंदोलन में इंफ्लूएंसर्स, यूट्यूबर्स और कई मशहूर हस्तियों ने भी भाग लिया. सोशल मीडिया पर जंतर मंतर से कई वीडियो सामने आए जिसमें लोग अपनी राय रखते दिखाई दिए. इन्हीं में से एक थे मोहम्मद इरफान, जिनके इंटरव्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है. इरफान ने अपने बेबाक विचारों, संविधान की समझ और मजदूरों के अधिकारों पर रखे गए तर्कों से सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया.
कौन है मोहम्मद इरफान?
आपको बता दें कि 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहते हैं, आपको जानकर हैरानी होगी कि संविधान का इतना ज्ञान रखने वाले इरफान कभी स्कूल नहीं गए. पेशे से फेरीवाले इरफान आर्थिक परिस्थितियों के कारण कभी शिक्षा ग्रहण नहीं कर सके, लेकिन उनकी सीखने की ललक कभी खत्म नहीं हुई और उन्होंने गूगल से संविधान के बारे में जानकारी ली. इरफान ने स्मार्टफोन, गूगल वॉयस कमांड और यूट्यूब को अपना टीचर बना लिया.
रोजाना बर्फ बेचकर लगभग 500 रुपये कमाने वाले इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारियों से इरफान ने भारतीय संविधान, लोकतंत्र, मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों के बारे में जानकारी हासिल की. यही वजह है कि आज वह संविधान की प्रस्तावना से लेकर स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की कविताओं तक, अपनी बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं. गौरतलब है कि इरफान उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए जब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान उनका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
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नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने दिल्ली के रहने वाले मोहम्मद इरफ़ान से मुलाकात की।
बड़ी ही साफगोई और ईमानदारी से युवाओं का दर्द और उम्मीदें सामने रखने वाले इरफ़ान में आपको हर वो नौजवान दिखेगा, जो इस सरकार से नाउम्मीद हो चुका है।
इंटरव्यू में इरफान ने सीजेपी प्रोटेस्ट, छात्रों की मांग, प्रशासन की कार्रवाई, पुलिस एक्शन और संवैधानिक अधिकारों के बारे में अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सिर्फ पेट भर लेना ही जिंदगी का उद्देश्य नहीं है, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी हर नागरिक का अधिकार है. इरफान ने यह भी सवाल किया कि जब कम आय वाला मजदूर भी किसी न किसी तरह से टैक्स भर रहा है, तो उसकी समस्याओं और अधिकारों पर चर्चा क्यों नहीं होती?
इरफान का इंटरव्यू देखकर कांग्रेस सांसद और लेकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उनके फैन बन गए. राहुल गांधी खुद इरफान से मिलने उनकी बस्ती पहुंचे. राहुल गांधी ने इरफान साथ मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए कहा कि इरफान जैसे युवाओं की सोच उनके हालात से कहीं बड़ी है और सीखने की उनकी जिज्ञासा भारत की सबसे बड़ी ताकत है. राहुल गांधी ने उन्हें संसद आने का निमंत्रण भी दिया और प्रियंका गांधी से फोन पर उनकी बातचीत कराई.