नवाबी खानदान से ताल्लुक, फिर भी जेब खर्च को तरसते थे सैफ अली खान; छिन गई थी पहली फिल्म
Saif Ali Khan: बॉलीवुड के सुपरस्टार और नवाब खान यानी सैफ अली खान का अंदाज ही सबसे अलग है. एक्टर कभी हीरो बनकर लोगों के दिलों में घर बना लेते हैं, तो कभी खुंखार विलेन बन कर हर किसी हैरान कर देते हैं. बता दें कि आज सैफ अली खान अपना 56वां जन्म दिन मना रहे हैं. चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
Saif Ali Khan Birthday: आज के समय में सैफ अली खान किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं, वो नवाब खानदान से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता का नाम मंसूर अली खान पटौदी है, जो नवाब खानदान के आखिरी नवाब थे. हालांकि, उनकी मां शर्मिला टैगोर अपने दौर की एक मशहूर अदाकारा थी. अपनी मां को ही देखकर सैफ ने भी फिल्मी दुनिया रुख करने का फैसला लिया था.
सैफ अली खान का जन्म 16 अगस्त 1970 को देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. आज यानी 16 अगस्त 2026 को सैफ अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं. हम आपको उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको सैफ से जुड़े किस्सों के बारे में बताएंगे. चलिए शुरू करते हैं…
बॉलीवुड के सुपरस्टार सैफ अली खान का नाम लेते ही जहन में नवाबों की ठाठ और पटौदी पैलेस याद आ जाता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि नवाब खानदान के चिराग (सैफ अली खान) को बचपन में जेब खर्च के लिए भी तरसना पड़ता था. इस बात का खुलासा खुद सैफ ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था. उन्होंने बताया था कि मेरी परवरिश काफी शानदार रही है. हालांकि, जब बात पैसों का होती है, तो मुझे कभी भी पॉकेट मनी नहीं दी गई थी. वहीं अगर मुझे कभी पॉकेट मनी मिली भी थी, तो वो दूसरों से काफी कम होती थी.
सैफ अली खान ने अपनी स्कूली शिक्षा हिमाचल प्रदेश के लॉरेंस स्कूल सनावर से पूरी की थी. इसके बाद सैफ ने यूके के लॉकर्स पार्क स्कूल और विनचेस्टर कॉलेज से अपनी बाकी की पढ़ाई पूरी की थी. भारत वापस आने के बाद सैफ ने दिल्ली के एक एडवरटाइजमेंट फर्म में जॉब भी की थी. हालांकि, बाद में उन्होंने जॉब को छोड़कर फिल्मी दुनिया का रुख किया था. लेकिन सैफ को वहां भी काफी मेहनत करनी पड़ी थी. बता दें की सैफ अली खान फिल्म ‘बेखुदी’ में काजोल के साथ नजर आने वाले थे. लेकिन मेकर्स और सैफ के बीच बात नहीं बनी थी और उन्हें फिल्म से निकाल दिया गया था. सैफ ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि डायरेक्टर साहब ने मुझे कहा तुम अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ दो या फिल्म करो. ये एक नैतिक ऑप्शन था.